Sunday, October 2, 2016

ये गुजरे हुवे पल ...

ये गुजरे हुवे पल जरा मुड के तोह देख
तुने मेरी हालत क्या कि हैं।
आशीक बना के छोडा हैं उस नगरी मैं
जहाँ दिल पत्थर के होते हैं।

💓सचिन 💓

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