हम हम ना थे अगर
दोस्त तू ना होता,
सपनो के सागर का
किनारा ना होता।
दोस्ती यारी तेरी अजीब
होगी लोगो के लिये,
मुझे तो अजीब दोस्ती
से हि लगावं हैं।
तू हमेशा कहती थी कि
तुझं मैं कूछ तो बात हैं,
लेकिन सच तो ये हैं
के तु मेरे साथ हैं।
हर एक दोस्त अलग होता हैं,
कोई प्यार बाटता हैं,
तो कोई दुखोको सवारता हैं,
मगर ये दोस्त तू
तो हर कदम पर
मुझे कूछ नया सिखाता हैं।
मुझे कूछ नया सिखाता हैं।
🎭© सchin Poटे 🎭,
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